लखनऊ। इंदिरा नगर में शेखर हॉस्पिटल के निकट स्थित भुइयां देवी मंदिर परिसर में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर कथित रूप से होने वाली बकरे की बलि को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। पशु अधिकार कार्यकर्ताओं और विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) ने आरोप लगाया है कि पिछले 12 वर्षों से लगातार विरोध और शिकायतों के बावजूद इस प्रथा पर प्रभावी रोक नहीं लगाई जा सकी है।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि मंदिर परिसर में भगवान हनुमान की प्रतिमा भी स्थापित है। उनका दावा है कि हिंदू धार्मिक परंपराओं के अनुसार भगवान हनुमान के समक्ष पशु बलि का कोई स्थान नहीं है और ऐसी प्रथा धार्मिक मान्यताओं के भी विपरीत है।
पशु अधिकार संगठनों का आरोप है कि उन्होंने कई वर्षों से पुलिस और जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर बलि रोकने तथा संबंधित कानूनों के पालन की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासन का ध्यान मुख्य रूप से कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर रहता है, जबकि कथित रूप से अवैध पशु बलि रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती।
कुछ पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि विरोध करने वाले कार्यकर्ताओं और NGO सदस्यों को पुलिस और प्रशासन द्वारा डराने-धमकाने तथा विरोध से हतोत्साहित करने का प्रयास किया जाता है। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
पशु अधिकार संगठनों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, संबंधित कानूनों का समान रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए और यदि किसी प्रकार का कानून उल्लंघन पाया जाए तो दोषियों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रशासन का पक्ष: समाचार लिखे जाने तक पुलिस या जिला प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई थी